सत्यापन के दौरान गलत कागजात मिलने पर सीधे आधार नंबर को किया जा रहा है रद्द
फर्जी दस्तावेजों से बदलाव कराने वालों पर दर्ज होगी प्राथमिकी, नियमों में की गई भारी कड़ाई
जालंधर/पटना (एकम) आधार कार्ड में जन्मतिथि सुधारने के नाम पर फर्जी दस्तावेज जमा करने वालों के खिलाफ भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने अब तक की सबसे सख्त कार्रवाई की है। फर्जी और गलत कागजातों के जरिए विवरण में बदलाव कराने की कोशिशों को उजागर करते हुए प्राधिकरण ने पिछले तीन महीनों में 1.66 लाख आधार कार्डों को रद्द कर दिया है। पहले ऐसे मामलों में केवल संशोधन की अर्जी खारिज की जाती थी, लेकिन अब संबंधित व्यक्ति का मूल आधार नंबर ही पूरी तरह निरस्त किया जा रहा है।
यूआईडीएआई द्वारा आधार में संशोधन के लिए दिए गए सभी कागजातों का गहन सत्यापन कराया जा रहा है। जांच में फर्जी पाए जाने वाले दस्तावेजों के आधार पर न केवल आधार नंबर बंद किया जा रहा है, बल्कि जानबूझकर हेराफेरी करने वाले आवेदकों के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कराने का भी कड़ा प्रावधान लागू किया गया है। प्रामाणिक बदलाव के लिए अब केवल नगर निगम द्वारा जारी क्यूआर कोड (QR Code) वाला जन्म प्रमाण पत्र, मान्यता प्राप्त शिक्षा बोर्ड की मैट्रिक/विश्वविद्यालय की मार्कशीट या सर्विस फोटो पहचान पत्र ही स्वीकार किया जाएगा।
सिस्टम को पारदर्शी बनाने के लिए अब सत्यापन की प्रक्रिया को नगर निगम और नागरिक निकायों के जन्म-मृत्यु पंजीकरण डेटा (CSR) से सीधे जोड़ा जा रहा है, जिससे जाली कागजातों की तुरंत पहचान हो रही है। यदि किसी आवेदक का आधार गलती से या फर्जीवाड़े के संदेह में निरस्त हो जाता है, तो उसे प्रामाणिक व सही दस्तावेज जमा करके पुन: सत्यापन कराने के बाद ही अपना आधार नंबर दोबारा चालू कराने का अवसर मिलेगा।








