काठमांडू/नई दिल्ली: नेपाल में लगातार हो रही मूसलाधार मानसूनी बारिश ने भयंकर तबाही मचाई है। कई इलाकों में आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन के कारण देशभर में जान-माल का भारी नुकसान हुआ है। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस प्राकृतिक आपदा में 100 से अधिक भारतीय नागरिक लापता बताए जा रहे हैं।
लापता भारतीयों में अधिकांश तीर्थयात्री और मौसमी मजदूर शामिल हैं, जो बाढ़ के तेज बहाव की चपेट में आ गए। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास ने प्रभावित और फंसे हुए नागरिकों की सहायता के लिए आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। दूतावास स्थानीय पुलिस और नेपाल के आपदा प्रबंधन दल के साथ मिलकर खोज व बचाव अभियानों का समन्वय कर रहा है।
कोसी और गंडक नदियाँ उफान पर, बिहार में सतर्कता बढ़ा दी गई
सप्तकोशी और गंडकी नदियों का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया है, जिसके बाद बांधों के सभी स्लूइस गेट खोल दिए गए हैं। नेपाल से छोड़े गए इस भारी पानी के कारण भारत के निचले राज्यों, विशेषकर बिहार के सीमावर्ती जिलों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। बिहार सरकार ने तटीय और निचले इलाकों में हाई अलर्ट जारी कर दिया है।
राहत और बचाव कार्य तेज
सेना और गोताखोर तैनात: नेपाल सुरक्षा बलों ने छतों और दूरदराज के पहाड़ी इलाकों में फंसे लोगों को निकालने के लिए विशेष गोताखोर टीमों और हेलिकॉप्टरों को काम पर लगाया है।
अस्थायी शिविर: निचले इलाकों में पानी भरने के बाद हजारों प्रभावित निवासियों को सुरक्षित स्थानों और अस्थायी राहत शिविरों में पहुंचाया गया है।
यातायात पर रोक: आगे की दुर्घटनाओं को रोकने के लिए नेपाल के गृह मंत्रालय ने जोखिम वाले राजमार्गों पर लंबी दूरी की बस सेवाओं को निलंबित कर दिया है।
आपातकालीन संपर्क (भारतीय दूतावास, काठमांडू):
सहायता या जानकारी के लिए भारतीय नागरिक दूतावास की आपातकालीन हेल्पलाइन पर संपर्क
कर सकते हैं।







