मानवाधिकार काउंसिल इंडिया की राष्ट्रीय अध्यक्ष आरती राजपूत ने पंजाब को नशामुक्त बनाने का लिया संकल्प।
“आओ प्रण लें– नशा छोड़ें, परिवार जोड़ें, समाज को मजबूत करें” के नारे के साथ राज्यव्यापी जागरूकता अभियान की शुरुआत।
जालंधर 26मई (NS) पंजाब में बढ़ते नशे के प्रकोप और उससे बर्बाद हो रहे परिवारों को बचाने के लिए ‘ह्यूमन राइट्स काउंसिल इंडिया’ (Human Rights Council India) ने एक बड़ा शंखनाद किया है। काउंसिल की राष्ट्रीय अध्यक्ष और जालंधर उत्तर विधानसभा क्षेत्र की सामाजिक नेतृत्वकर्ता आरती राजपूत ने “नशामुक्त पंजाब” के संकल्प के साथ एक व्यापक सामाजिक जागरूकता अभियान की घोषणा की है।
अभियान के मुख्य पोस्टर को जारी करते हुए आरती राजपूत ने बेहद भावुक और कड़े शब्दों में कहा, “आओ उन परिवारों के साथ खड़े हों, जिन परिवारों को ‘नशे के अजगर’ ने निगल लिया है। नशा सिर्फ एक इंसान को नहीं, बल्कि पूरे परिवार, समाज और आने वाले भविष्य को पूरी तरह बर्बाद कर देता है।”
अभियान के 5 मुख्य स्तंभ (Five Pillars of the Campaign):
आरती राजपूत ने समाज को नशामुक्त बनाने के लिए पांच बुनियादी सूत्रों पर काम करने की अपील की है:
1. नशे से दूरी: जीवन अनमोल है, इसे नशे की भेंट न चढ़ने दें।
2. परिवार का साथ: टूटे हुए परिवारों को संबल देना और उन्हें मुख्यधारा में वापस लाना।
3. सामूहिक जागरूकता: समाज के हर नागरिक को इस लड़ाई में अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी।
4. युवाओं को सही दिशा: युवाओं की ऊर्जा को सकारात्मक कार्यों और उज्ज्वल भविष्य की ओर मोड़ना।
5. मजबूत इरादे: नशे के काले कारोबार और इसकी लत पर मजबूत इच्छाशक्ति के साथ प्रहार करना।
“एक नशामुक्त पंजाब की ओर– हम सबका संकल्प”
प्रेस को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष आरती राजपूत ने कहा कि पंजाब की पवित्र धरती को नशे के अभिशाप से मुक्त कराना ही अब उनके जीवन का मुख्य कर्तव्य है। उन्होंने जनता से आह्वान किया कि राजनीति और भेदभाव से ऊपर उठकर हर व्यक्ति इस मुहिम से जुड़े।
उन्होंने अंत में एक मजबूत नारा देते हुए कहा— “आओ प्रण लें– नशा छोड़ें, परिवार जोड़ें, समाज को मजबूत करें।” यह अभियान हर गली, मोहल्ले और गांव तक पहुँचाया जाएगा ताकि भटके हुए युवाओं को नई जिंदगी दी जा सके।






